चाहे मानसून लेट आया है पर एहसास नया ये लाया है,
कानून में सुधार आया है देश में अब बदलाव आया है
लड़के को लड़की न खोजनी ना लड़की को लड़का,
कोई भी मिल जाये चलेगा बस भिडे प्रेम का टांका
शायद अब किसी घर मेंमूंछों वाली भाभी आएँगी,
कन्यायें कन्या को भी अबजीजू जीजू बुलाएंगी
उन्मुक्त गगन के नीचे केवलअब जोड़े ना रास रचाएंगे,
बदला बदला होगा मंजर लड़के जब लड़का पटायेंगे
पुलिस के पास भी अब शायदछेड़छाड़ के केसेज बढ़ जायेंगे ,
महिला महिला को छेड़ेगी पुरुष पुरुष से छेड़े jaayenge
हर सिक्के के पहलू दो होते कुछ सुधार तो आयेंगे,
ये नए बदलाव देश को जनसँख्या विस्फोट से बचायेंगे
Note: Receieved in one of the forwarded mails
Thursday, July 9, 2009
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